सब्जी उत्पादकों के लिए खुशखबरी, सपोर्ट सिस्टम लगाने पर मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान
राजसमंद। जिले के किसानों के लिए उद्यानिकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण राहत और अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को खेत में सपोर्ट सिस्टम स्थापित करने पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक एवं उन्नत तकनीक को अपनाकर सब्जियों के उत्पादन, गुणवत्ता तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।
उप निदेशक उद्यान प्रवीण कुमार गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत सपोर्ट सिस्टम की इकाई लागत 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। इस निर्धारित लागत पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाएगा। एक लाभार्थी किसान को न्यूनतम 0.40 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक प्रोराटा बेसिस पर अनुदान दिया जा सकेगा। राजसमंद जिले में कृषक श्रेणीवार 90 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सपोर्ट सिस्टम का लाभ टमाटर एवं बेल वाली सब्जियों जैसे खीरा, लौकी, तोरई, सेम, करेला तथा टिंडा आदि की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा। सपोर्ट सिस्टम के अंतर्गत किसान खेत में जी.आई. वायर, खम्भे, मजबूत बांस अथवा एच.डी.पी.ई./नायलॉन नेट आदि के माध्यम से सहारा संरचना तैयार कर सकते हैं। इस व्यवस्था से फसल का जमीन से सीधा संपर्क कम होने के कारण फसल का बेहतर विकास होता है तथा रोग एवं कीट प्रकोप को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। साथ ही सब्जियों की गुणवत्ता में सुधार के साथ उत्पादन में भी वृद्धि होती है।
उप निदेशक उद्यान ने बताया कि योजना का उद्देश्य सब्जियों के उत्पादन एवं गुणवत्ता को बढ़ावा देना, फसल को जमीन के संपर्क से बचाना, रोग एवं कीट प्रकोप को कम करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है। आधुनिक तकनीक आधारित सपोर्ट सिस्टम से किसान कम नुकसान के साथ बेहतर गुणवत्ता वाली सब्जियों का उत्पादन कर सकेंगे।
योजना का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक किसान संबंधित उद्यान विभाग के कार्यालय अथवा अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक उद्यान से संपर्क कर योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत सपोर्ट सिस्टम स्थापित करने के बाद किसान को उपयोग की गई सामग्री के बिल प्रस्तुत करने होंगे। विभाग द्वारा सत्यापन के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा। किसानों से अपील है कि वे योजना का लाभ उठाकर आधुनिक तकनीक अपनाएं और सब्जी उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाएं।